नैनीताल के विकासखण्ड धारी, ओखलकाण्डा और रामगढ़ क्षेत्रों में बीते दिनों से मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में बढ़ोतरी और आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की सूचना मिली है।
नैनीताल के विकासखण्ड धारी,ओखलकाण्डा और रामगढ़ क्षेत्रों में बीते दिनों से मानव वन्यजीव संघर्ष (Human Wildlife Conflict) की घटनाओं में बढ़ोतरी और आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की सूचना मिली है। इन क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विद्यालयों और आंगनबाड़ी केन्द्रों तक पहुंचने के लिए सुनसान मार्गों, पगडण्डियों और वन क्षेत्रों से बच्चों को आवागमन करना पड़ता हैं | इससे छोटे बच्चों और विद्यालयी छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
वन्यजीव के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 (Disaster Management Act-2005) और जिला मजिस्ट्रेट को मिले अधिकारों के अन्तर्गत विकासखण्ड धारी,ओखलकाण्डा और रामगढ़ विकासखण्ड में संचालित सभी शासकीय,अशासकीय, सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में आज से 17 तारीख तक 3 दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है । ये आदेश छात्रों और आंगनबाड़ी बच्चों, सम्बन्धित विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। सम्बन्धित कार्यालयाध्यक्ष ये सुनिश्चित करेंगे कि इस अवधि में बच्चों को किसी भी प्रकार से विद्यालय अथवा आंगनबाड़ी केन्द्रो मे न बुलाया जाए। साथ ही वन विभाग (Forest Department), पुलिस विभाग और आपदा प्रबन्धन (Disaster Management) से समन्वय स्थापित कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। मुख्य शिक्षाधिकारी नैनीताल और जिला कार्यक्रम अधिकारी, नैनीताल ये सुनिश्चित करेंगे कि इस आदेश की सूचना सम्बन्धित ऑगनबाड़ी केन्द्रों और विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों तक समय से पहुँचा दी जाए |