नैनी झील के किनारे स्थित ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में भारी जलभराव होने के बाद करोड़ों रुपये की लागत से हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं...
नैनीताल में मौसम की पहली तेज बारिश ने विकास कार्यों की पोल खोल दी है। जहां नैनी झील के किनारे स्थित ऐतिहासिक फ्लैट्स मैदान में भारी जलभराव होने के बाद करोड़ों रुपये की लागत से हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
बता दे, नैनीताल में हुई पहली तेज बारिश के बाद फ्लैट्स मैदान के कई हिस्सों में पानी भर गया। हालात ऐसे हो गए कि मैदान का एक हिस्सा छोटे तालाब जैसा नजर आने लगा। इसके बाद स्थानीय लोगों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने निर्माण कार्यों और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बता दें कि फ्लैट्स मैदान नैनीताल का प्रमुख सार्वजनिक मैदान है, जहां खेल गतिविधियों के साथ-साथ कई सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में पहली ही बारिश में मैदान का जलमग्न होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में फ्लैट्स मैदान और पवेलियन भवन के सौंदर्यीकरण, समतलीकरण और अन्य विकास कार्यों के लिए करीब 6 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। कार्य के दौरान मैदान की संरचना में कई बदलाव भी किए गए थे।
अब पहली ही तेज बारिश के बाद मैदान में जलभराव की तस्वीरें सामने आने से विकास कार्यों की गुणवत्ता और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस समस्या का समाधान कैसे किया जाएगा।