नैनीताल में फायरिंग और जमीनी विवाद के बाद प्रशासन सख्त, महेंद्र तड़ागी के दो शस्त्र लाइसेंस निरस्त। कैंची धाम के पास अवैध रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई।
नैनीताल में हाल ही में सामने आए जमीनी विवाद और फायरिंग मामले के बाद प्रशासन सख्त रुख में नजर आ रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने महेंद्र तड़ागी के नाम से जारी दो शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि जिले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
इसी दौरान जांच में कैंची धाम के पास एक और अनियमितता भी सामने आई। अधिकारियों को पता चला कि आवासीय पट्टे की जमीन पर नियमों के विपरीत एक रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लगभग 0.008 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार में निहित कर दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, पट्टों और शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भूमि उपयोग के नियमों का पालन करने की अपील भी की है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अवैध गतिविधियों पर सख्ती और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।