बिजली के बढ़ते दामों को लेकर पूर्व विधायक रणजीत सिंह भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला | उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है
बिजली के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत (Former MLA Ranjit Singh Rawat) ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है | उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है और महंगाई से राहत देने में पूरी तरह विफल रही है |
रावत ने कहा कि भाजपा “बहुत हुई महंगाई की मार,अबकी बार मोदी सरकार” और “अच्छे दिन” जैसे नारों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन आज हालात इसके उलट हैं। उन्होंने पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले सरकार सोलर पैनल (Solar Panel) से उत्पादित बिजली लगभग 4 से 4.25 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीद रही थी, जबकि अब ये दर घटाकर करीब 2 से 2.25 रुपये प्रति यूनिट (Unit) कर दी गई है | दूसरी ओर यही बिजली आम उपभोक्ताओं को लगभग 6 से 7 रुपये प्रति यूनिट और व्यावसायिक-औद्योगिक उपभोक्ताओं (Industrial Consumers) को 8 से 9 रुपये प्रति यूनिट तक बेची जा रही है। रावत ने कहा कि भले ही दरों में 10 से 15 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि मामूली प्रतीत हो लेकिन इसका वार्षिक प्रभाव बहुत बड़ा है। उन्होंने 2023 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड में सालाना 13,509 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती है। यदि औसतन 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी मानी जाए तो ये लगभग 135 से 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ जनता पर डालती है। उन्होंने इसे जनता की जेब पर सीधी डकैती करार देते हुए कहा कि यदि महंगाई बढ़ रही है तो सोलर उपभोक्ताओं (Solar Consumers) की लागत भी बढ़ रही होगी। ऐसे में सोलर बिजली की खरीद दर कम करना और खुद ऊंचे दामों पर बिजली बेचना जनहित पर आघात है।