रामनगर में प्रशासन की संयुक्त टीम ने मदरसों का औचक निरीक्षण किया। जांच में सभी बच्चे स्थानीय पाए गए, कोई गड़बड़ी नहीं मिली। प्रशासन ने अभियान जारी रखने की बात कही।
रामनगर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को शहर के कई मदरसों में औचक निरीक्षण किया।
एसडीएम गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में समाज कल्याण, राजस्व, शिक्षा विभाग और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही।
जानकारी के मुताबिक, रामनगर में करीब 35 मदरसे संचालित हैं, जिनमें कुछ मान्यता प्राप्त हैं, जबकि कुछ बिना मान्यता के भी चल रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह जांच अभियान चलाया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खास तौर पर यह जानने की कोशिश की कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे स्थानीय हैं या बाहरी राज्यों से लाए गए हैं, और यदि हां, तो उनके पीछे कौन जिम्मेदार है।
जांच के दौरान कुछ मदरसों में बच्चों की संख्या कम पाई गई, जबकि कुछ जगहों पर बच्चे मौजूद नहीं मिले। इस पर संचालकों ने बताया कि बच्चे शाम के समय पढ़ने आते हैं।
हालांकि राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद सभी बच्चे स्थानीय पाए गए और जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई।
फिलहाल प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और निरीक्षण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।