कुमाऊं आयुक्त की जनसुनवाई का असर! महिला की शिकायत पर घंटों में पूरा हुआ महीनों से अटका काम

नैनीताल। महीनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही एक महिला की समस्या कुमाऊं आयुक्त की जनसुनवाई में पहुंचते ही हल हो गई.....

कुमाऊं आयुक्त की जनसुनवाई का असर! महिला की शिकायत पर घंटों में पूरा हुआ महीनों से अटका काम
JJN News Adverties

नैनीताल। महीनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही एक महिला की समस्या कुमाऊं आयुक्त की जनसुनवाई में पहुंचते ही हल हो गई। नैनीताल जिले के जंतवालगांव निवासी रेवती देवी लंबे समय से अपनी पैतृक भूमि की विरासत दर्ज यानी दाखिल-खारिज प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही थीं। जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद आयुक्त ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और उसी दिन भूमि उनके नाम दर्ज कर दी गई।

मार्च 2026 में किया था आवेदन

जानकारी के अनुसार, गांव की खतौनी में रेवती देवी के ससुर स्वर्गीय गुमान राम के नाम पर भूमि दर्ज थी। उनके निधन के बाद परिवार में कोई अन्य वारिस नहीं होने के चलते रेवती देवी ने विरासत के आधार पर भूमि अपने नाम दर्ज कराने के लिए मार्च 2026 में तहसील कार्यालय में आवेदन किया था।

बताया जा रहा है कि आवेदन के बाद कई महीने बीत गए, लेकिन भूमि के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद रेवती देवी ने अपनी समस्या कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की जनसुनवाई में रखी।

आयुक्त ने तत्काल तहसीलदार को किया तलब

शिकायत का संज्ञान लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने तत्काल तहसीलदार नैनीताल को तलब किया और मामले की सुनवाई कराई। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसी दिन संबंधित भूमि रेवती देवी के नाम दर्ज कर दी गई। कार्रवाई पूरी होने की जानकारी भी आयुक्त को दी गई।

शिकायतकर्ता ने जताई राहत

मामले का त्वरित समाधान होने पर रेवती देवी ने राहत जताई। वहीं, प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर नियमानुसार जल्द कार्रवाई की जाए।

JJN News Adverties