सतपुली में पंकज सुसाइड केस पर लोगों का गुस्सा फूटा। पुलिस प्रताड़ना के आरोपों के बीच प्रदर्शन तेज, FIR न होने पर सवाल और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठी।
उत्तराखंड के सतपुली में पंकज सुसाइड केस को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। बता दे, आरोप है कि पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर युवक ने जान दी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से जनता में भारी आक्रोश है।
दरअसल, सतपुली में चर्चित पंकज सुसाइड केस को लेकर रविवार को माहौल पूरी तरह गरमा गया। मामले में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के लोगों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
वही प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार में जुलूस निकालते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद बस अड्डे के पास राधाकृष्ण मंदिर परिसर में जनसभा आयोजित की गई, जहां कई बड़े नेताओं और सामाजिक संगठनों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए।
बता दे, पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि एक अनुसूचित जाति के युवक को पुलिस प्रताड़ना ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है। साथ ही आरोप लगाया गया कि पुलिस आम लोगों को प्रताड़ित कर रही है, जबकि माफियाओं पर कार्रवाई कमजोर दिखाई देती है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पंकज के साथ थाने में मारपीट और गाली-गलौज की गई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। फिलहाल इस मामले को लेकर इलाके में भारी आक्रोश है और लोग निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।