उत्तराखंड के चमोली जिला में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ गई। गोपेश्वर में कुछ देर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे सर्दी और तेज हो गई।
उत्तराखंड के चमोली जिला में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली। ऊंचाई वाले इलाकों में जहां ताज़ा बर्फबारी हुई, वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश के चलते ठंड में इज़ाफा दर्ज किया गया। गोपेश्वर नगर क्षेत्र में कुछ देर के लिए ओलावृष्टि भी हुई, जिससे सर्दी और बढ़ गई।
बर्फबारी की बात करें तो बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ मंदिर, काली माटी, नंदा घुंघटी और नीती-माणा घाटी में ताज़ा हिमपात दर्ज किया गया। बर्फबारी से ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडक और बढ़ गई है।
वहीं ज्योतिर्मठ, पोखरी, पीपलकोटी, नंदानगर और नंदप्रयाग समेत कई निचले इलाकों में बारिश के कारण मौसम सर्द बना रहा। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबके रहे।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी जिला, रुद्रप्रयाग जिला, चमोली जिला, बागेश्वर जिला और पिथौरागढ़ जिला में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के अधिक आसार हैं, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
पूर्वानुमान के मुताबिक 24 फरवरी को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रह सकता है। हालांकि 25 से 28 फरवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
इधर आंधी-तूफान का असर बदरीनाथ हाईवे पर भी देखने को मिला। बिरही के पास दो चीड़ के पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों और बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने मिलकर पेड़ों को हटाया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका।
गनीमत रही कि जिस समय पेड़ गिरे, उस वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।