कुमाऊं में सरकारी स्कूलों की हालत चिंताजनक, 27 स्कूल बंद, कई और बंद होने की कगार पर। छात्र संख्या में गिरावट, पलायन और संसाधनों की कमी बनी बड़ी वजह, शिक्षा विभाग पर चुनौती।
हल्द्वानी समेत पूरे कुमाऊं मंडल में सरकारी स्कूलों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्र संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते 27 स्कूलों पर ताला लग चुका है, जबकि 37 अन्य स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
सबसे खराब स्थिति पिथौरागढ़ जिले की बताई जा रही है, जहां 12 प्राथमिक और 5 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करना पड़ा है। वहीं बागेश्वर में 8 स्कूल बंद हो चुके हैं और 15 अन्य खतरे में हैं।
इसके अलावा नैनीताल के भीमताल ब्लॉक में दो स्कूलों में छात्र संख्या शून्य होने के कारण ताला लग चुका है, जबकि अल्मोड़ा में भी कई स्कूल केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, शिक्षकों की कमी, बुनियादी संसाधनों का अभाव और पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार हो रहा पलायन इस स्थिति के मुख्य कारण हैं। वहीं, अभिभावक बेहतर शिक्षा की तलाश में निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं।
फिलहाल, शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन सरकारी स्कूलों में दोबारा छात्रों का नामांकन बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाना है।