तीर्थ पुरोहितो की हुई मांग पूरी, सरकार ने किया देवस्थानम बोर्ड भंग

धामी सरकार ने  मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया है. खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है.

तीर्थ पुरोहितो की हुई मांग पूरी, सरकार ने किया देवस्थानम बोर्ड भंग
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देहरादून. प्रदेश की राजधानी से बड़ी खबर आ रही है। धामी सरकार ने  मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया है. खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है. सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड विधेयक को वापस लेने का निर्णय लिया है.

बता दें कि देवस्थानम बोर्ड एक्ट मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में 2019 में बना था. इसके बाद देवस्थानम बोर्ड की स्थापना की गई थी. यह बोर्ड चार धामों केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री से जुड़े 51 मंदिरों की देखरेख करता है. पुरोहित इस बोर्ड के गठन का विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि इस बोर्ड ने मंदिरों पर उनके परंपरागत अधिकार को खत्म कर दिया है. लंबे समय से विरोध से घिरे इस बोर्ड को अब भंग कर दिया गया है।
  
सरकार के मंत्रियों की एक उप समिति ने इस विषय में अपनी रिपोर्ट सोमवार को ही मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को सौंपी दी थी. पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया। इस समिति में चारधामों के तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया। अब समिति की अंतिम रिपोर्ट का परीक्षण कर त्रिमंडलीय उप समिति ने भी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी है. 

तीन दिन पहले तीर्थ पुरोहितों ने इस बोर्ड के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज़ करते हुए देहरादून में आक्रोश रैली निकाली थी. और घोषणा की थी की अगर इस बोर्ड को भंग नहीं किया गया तो पुरोहित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार का घेराव करेंगे.

जिसके बाद आज खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवस्थानम बोर्ड को भांग करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. सीएम धामी ने घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड विधेयक को वापस लेने का निर्णय ले लिया है।

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