किच्छा में फर्जी वसीयत के जरिए करोड़ों रुपये की जमीन और मुआवजा हड़पने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर सात नामजद आरोपियों समेत तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू।
किच्छा में करोड़ों रुपये की संपत्ति और मुआवजा हड़पने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर बड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है। दरसअल पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के साथ साल 2005-06 के दौरान चकबंदी कार्यालय और न्यायालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
आपको बता दे शिकायतकर्ता मानवेंद्र सिंह, जो न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, ने आरोप लगाया कि उनके पिता नरेंद्र सिंह के नाम से फर्जी और अपंजीकृत वसीयत तैयार कर किच्छा स्थित करोड़ों रुपये की जमीन का अवैध अंतरण कर मुआवजा हड़प लिया गया।
साथ ही शिकायत के मुताबिक़, जिस समय कथित वसीयत बनाई गई, उस दौरान उनके पिता गंभीर रूप से बीमार थे और डायलिसिस पर थे। ऐसे में उनके द्वारा वसीयत किए जाने का दावा संदिग्ध बताया गया है।
इतना ही नहीं पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर सात नामजद आरोपियों के अलावा तत्कालीन चकबंदी कार्यालय और न्यायालय में तैनात संबंधित अधिकारियों साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।