हेडमास्टर डिमोट होकर बना शिक्षक, फर्जी नामांकन का खुलासा!

रुद्रपुर। सरकारी स्कूल में कथित फर्जी नामांकन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है....

हेडमास्टर डिमोट होकर बना शिक्षक, फर्जी नामांकन का खुलासा!
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रुद्रपुर। सरकारी स्कूल में कथित फर्जी नामांकन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद निलंबित प्रधानाध्यापक को बहाल तो कर दिया गया, लेकिन उन्हें प्रधानाध्यापक के पद से हटाकर सहायक अध्यापक बना दिया गया है। साथ ही भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार का वित्तीय प्रभार देने पर रोक लगा दी गई है।

करीब 1.89 लाख रुपये की वसूली के आदेश

शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधानाध्यापक से करीब 1 लाख 89 हजार रुपये की वसूली के आदेश भी जारी किए हैं। विभागीय जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।

स्कूल निरीक्षण में सामने आईं कई अनियमितताएं

मामला सितारगंज क्षेत्र के एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। स्कूल के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि विद्यालय निर्धारित समय के अनुसार संचालित नहीं किया जा रहा था।

इसके अलावा, समग्र शिक्षा योजना के तहत मिलने वाली धनराशि के इस्तेमाल में अनियमितता और नियमों के विपरीत गणवेश की खरीद किए जाने की बात भी सामने आई।

फर्जी छात्रों के नाम पर निकाली गई राशि

जांच में सबसे गंभीर मामला कथित फर्जी नामांकन का सामने आया। आरोप है कि विद्यालय में फर्जी छात्रों का पंजीकरण किया गया और उनके नाम पर जूते, बैग और गणवेश के लिए मिलने वाली सरकारी धनराशि की निकासी की गई।

मामले की विस्तृत जांच के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी प्रधानाध्यापक को प्रधानाध्यापक पद के लिए उपयुक्त नहीं माना। इसके बाद उन्हें पद से हटाकर सहायक अध्यापक के रूप में बहाल करने का निर्णय लिया गया।

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