उत्तराखंड में सेल टैक्स चोरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय, चेकपोस्ट के बावजूद अवैध परिवहन जारी। सूत्रों के मुताबिक अंदरूनी मिलीभगत से सूचना लीक, सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान।
उत्तराखंड में सेल टैक्स चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। चेक पोस्ट और निगरानी व्यवस्था के बावजूद अवैध परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, टैक्स चोरी का यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा है। आरोप है कि माल के परिवहन की पूरी योजना—रूट, समय और फ्लाइंग स्क्वॉड की गतिविधियां—पहले से ही फोन के जरिए साझा कर दी जाती हैं। चालक भी रास्ते में लगातार अपडेट देते रहते हैं, जिससे जांच से बचना आसान हो जाता है। इतना ही नहीं, छोटे वाहनों के जरिए पार्सल के रूप में माल भेजा जाता है, ताकि किसी को संदेह न हो।
वहीं, ऊधम सिंह नगर के एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिना बिल के माल पकड़े जाने के बाद उन्होंने इस नेटवर्क की जानकारी साझा की। उनका कहना है कि बड़े कारोबारियों तक पहुंचना आसान नहीं होता।
कुल मिलाकर, इस पूरे मामले में विभागीय मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। फिलहाल, इस नेटवर्क पर कार्रवाई और सख्त निगरानी की मांग तेज हो गई है।