रामनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले जस्सागांजा गांव में भारी भरकम डंपर वाहनों के संचालन को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.....
रामनगर में 22 टायरा डंपर वाहनों के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। दरअसल, रामनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले जस्सागांजा गांव में भारी भरकम डंपर वाहनों के संचालन को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
बता दे, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थित स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण बच्चे और ग्रामीण हर समय दुर्घटना की आशंका के साए में जी रहे हैं।
वहीं कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। इसी के चलते आंदोलन को तेज करते हुए गुरुवार से क्रमिक अनशन की शुरुआत की गई, जिसमें पहले दिन महिलाओं ने भागीदारी की। साथ ही ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी और ज्येष्ठ ब्लॉक उप प्रमुख संजय नेगी भी धरना स्थल पहुंचे।
साथ ही "रोड नहीं तो वोट नहीं" का नारा देते हुए आगामी चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई है।
फिलहाल ग्रामीणों का आंदोलन जारी है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।