6 दिन बीत गए फिर भी नहीं मिला बबिता पांडे का सुराग!

उत्तराखंड के उत्तरकाशी से एक रहस्यमयी मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जहां नैनीताल की रहने वाली 24 साल की बबिता पांडे पिछले छह दिनों से लापता हैं...

6 दिन बीत गए फिर भी नहीं मिला बबिता पांडे का सुराग!
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी से एक रहस्यमयी मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जहां नैनीताल की रहने वाली 24 साल की बबिता पांडे पिछले छह दिनों से लापता हैं। बता दे, सैकड़ों जवान, ड्रोन और रेस्क्यू टीमें लगातार तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक बबिता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं इस मामले में उनके साथ गए दो दोस्तों पर भी पुलिस का शक गहराता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बबिता पांडे 25 मई को अपने दो दोस्तों हरमन पाल सिंह और हरमन प्रीत सिंह के साथ दयारा बुग्याल ट्रैकिंग के लिए उत्तरकाशी पहुंची थीं। वही 28 मई को तीनों को रेथल गांव में आखिरी बार सीसीटीवी कैमरों में साथ देखा गया था।

जिसके बाद 29 मई को तीनों ने दयारा बुग्याल ट्रैक शुरू किया और रात में गोई बेस कैंप में रुके। लेकिन इसी रात रहस्यमय परिस्थितियों में बबिता लापता हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों दोस्तों के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

बबिता की तलाश में आर्मी, ITBP, SDRF, NDRF, पुलिस, वन विभाग और SOG समेत करीब 150 जवान जुटे हुए हैं। घने जंगलों, खाईयों और ट्रैकिंग रूटों पर ड्रोन से भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

पिछले कई दिनों की तलाश के बाद अब रेस्क्यू टीम का फोकस गोई कैंप के पास स्थित एक झील पर है। इस बीच जांच में एक बड़ा खुलासा भी हुआ है। पर्यटन विभाग के अनुसार बबिता और उनके दोस्तों का ट्रैकिंग रजिस्ट्रेशन आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज ही नहीं था। वही जांच में सामने आया कि ट्रेकिंग एजेंसी ने कथित तौर पर पुराने और एक्सपायर परमिट का इस्तेमाल कर नियमों को दरकिनार किया था। मामले के बाद संबंधित एजेंसी का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया है।

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